सिरमौर के हाटियों को राज्यसभा से शेड्यूल ट्राइब का बिल पास करवाए जाने को लेकर प्रदेश का गुर्जर समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के हनन की बात कहते हुए अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की चेतावनी जारी की है। आज नाहन में मीडिया से बात करते हुए गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति सिरमौर के महासचिव राज कुमार ने कहा कि आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी से सहयोग मांगा गया है।
कुमार ने कहा कि उनके साथ हुए इस अन्याय को लेकर पूरे देश का गुर्जर समुदाय अब एकजुटता के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। कुमार ने कहा यह क्षेत्र पहले से ही संपन्न है और इनकी साक्षरता दर भी 80 फ़ीसदी है। कुमार ने कहा कि वही प्रदेश के गुर्जर समाज की साक्षरता दर केवल 45 से 50 फ़ीसदी ही है। कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र के अधिकतर बच्चे बेहतरीन से बेहतरीन शिक्षा ग्रहण करते हैं जबकि पहले से ही उपेक्षित गुर्जर वर्ग के छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ पशुपालन का काम भी करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में क्षेत्र के स्वर्णो को मिले शेड्यूल ट्राइब आरक्षण के बाद यह वर्ग और अधिक पिछड़ना शुरू हो जाएगा। कुमार ने कहा कि हाटी कोई जाति नहीं है यही नहीं इसे राज्यसभा में भेजे जाने से पहले आरजीआई की पहले की तमाम सभी आपत्तियों को नजरअंदाज भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बिल पहले भी तीन बार रिजेक्ट किया जा चुका है।
गुर्जर कल्याण परिषद ने कहा कि अब केवल और केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए केंद्र सरकार ने इसे हमारे हक मारकर राज्यसभा में पास करवाया है। उन्होंने कहा कि गिरि पार क्षेत्र के स्वर्ण लोगों को सरकार ने सीधे-सीधे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए उन्हें आरक्षण लाभ दे दिया है।
गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि गुर्जर समाज के साथ हो रहे इस अन्याय को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी हम से आंखें चुरा रही है। उन्होंने कहा कि अब पूरा गुर्जर समाज संगठित है और हर मोर्चे पर संघर्ष के लिए उतरने के लिए तैयार हो चुका है।