स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों के राजनीति-विज्ञान के वार्षिक परीक्षाओं में आ रहे प्रश्न पत्रों में तय मानदंडों को पूरा न करने पर परीक्षा नियंत्रक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एच.पी.यू.) को ज्ञापन सौंपा है। इसमें लगातार तीन प्रश्न पत्रों में आई गड़बड़ी के मामले पर एसएफआई ने चिंता व्यक्त की है।
एसएफआई राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने बताया कि 2 अप्रैल को हुई राजनीति-विज्ञान विषय की परीक्षा में प्रश्न पत्र (POLS 102) का 80 प्रतिशत हिस्सा पाठ्य-समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक न होने पर प्रदेश भर के विद्यार्थियों में भारी रोष है व इसके अलावा 30 मार्च को ‘राजनीतिक सिद्धांत’ (पेपर कोड POL 101) के प्रश्न पत्र में भी शिकायत आई कि जो प्रश्न पिछले वर्ष सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, मंडी के अधीन महाविद्यालयों में पूछे गए थे, वही हू-बहू इस वर्ष एच.पी.यू. के अधीन महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से पूछे गए। इसके अलावा अन्य प्रश्न पत्रों में भी विश्वविद्यालयों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुसरण नहीं किया गया है।
राज्य सचिव दिनित डेंटा ने कहा कि इस तरह के गैर जिम्मेदाराना रवैये की एसएफआई घोर निन्दा करती है और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि उक्त प्रश्न पत्रों में आई समस्याओं के निवारण हेतु जांच कमेटी बैठाई जाने की मांग रखी है। आज उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाना एक बड़ी चुनौती है। उच्च शिक्षा को बेहतर बनाना आज सभी हितधारकों; चाहे वह शिक्षक है, विद्यार्थी है या विश्वविद्यालय प्रशासन; सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है। इस वर्ष सरकार प्रदेश व विश्विद्यालय प्रशासन जबरदस्ती राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करना चाहती है, जिसके लिए अभी वांछित आधारभूत संरचना का अभाव बड़ा प्रश्न है! व जबरन छात्रों के ऊपर थोपा जा रहा है
दिनित ने रुसा सिस्टम का उल्लेख करते हुए भी कहा कि अभी भी रुसा के तहत हजारों छात्रों का भविष्य पर तलवार लटकी हुई है ऐसे में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रदेश भर में कैसे सफल हो सकती है।
उन्होंने कहा है कि पहले वर्तमान व्यवस्था की खामियों को दुरुस्त करना अति आवश्यक है, जिसमे ईआरपी सिस्टम को सुदृढ़ करना , जिससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर किया जा सके। एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द-से-जल्द इस परीक्षा प्रश्न पत्र में पाठ्य समिति का हिस्सा न आने के विषय पर जल्द बैठक बुलाए जाने व उक्त दोषियों के खिलाफ जांच कमेटी बिठाने की मांग की है।