एपीएमसी शिमला-किन्नौर के तहत मंडियों में दुकानों के आवंटन में बड़ा गड़बड़झाला, होना चाहिए बड़ा एक्शन : नंदा

rakesh nandan

16/07/2025

शिमला || 16 जुलाई 2025 || भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने नारकंडा से जारी एक प्रेस बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में हिमाचल प्रदेश में अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है और ऐसा लगता है कि सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं है।

नंदा ने कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर के तहत मंडियों में दुकानों के आवंटन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहां कई अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर 120 से 150 दुकानों का आवंटन किया गया है। उनका आरोप है कि कुछ आवेदन लेने के बाद ही दुकानों का आवंटन कर दिया गया। नंदा ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संज्ञान में लाया गया है और इसे गंभीरता से जांचने की आवश्यकता है।

भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर नंदा ने कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार आम बात बन गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी स्कूटर पर पानी ढोया जाता है तो कभी पेहकुवाला प्रोजेक्ट में सब्सिडी घोटाला सामने आता है। भाजपा ने मांग की है कि एपीएमसी शिमला-किन्नौर के चेयरमैन और सचिव को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले में बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एपीएमसी शिमला-किन्नौर के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अगर नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो चार्जशीट भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जांच में दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान अनियमितता पाई गई है, और कुछ ऐसे आढ़तियों को दुकानों का आवंटन किया गया है, जिनके पास इस कार्य का कोई अनुभव नहीं है।

नंदा ने इस बात की भी ओर इशारा किया कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पाई गई है। उन्होंने कहा कि एपीएमसी शिमला-किन्नौर के अधीन शिमला के ढली, टुटू और ऊपरी शिमला में कुछ नई मंडियों का आवंटन पहली बार किया गया है, जिनमें अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। इसके साथ ही किन्नौर, रामपुर, रोहडू के मेहदली और चौपाल में स्थित एपीएमसी की मंडियों में भी सेब सीजन के दौरान कारोबार होता है, जिनके लाइसेंसों के आवंटन की प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

इस प्रकार, नंदा का बयान राज्य में बढ़ती अराजकता और एपीएमसी में होने वाली अनियमितताओं की ओर केंद्रित है और उन्होंने इन मुद्दों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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