ऊना में प्राकृतिक खेती बनी किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार

ऊना, 17 जुलाई 2025 || हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखा रही हैं। ऊना जिले में अब तक 16,858 किसान प्राकृतिक खेती के तहत जागरूकता और प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जिससे न केवल पर्यावरण की रक्षा हो रही है बल्कि किसानों की लागत भी कम हो रही है, और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल ने प्राकृतिक खेती को स्वरोजगार का साधन बनाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने में मदद की है। प्रदत्त MSP के तहत, प्राकृतिक गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलो और मक्की के लिए 40 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है, साथ ही 2 रुपये प्रति किलो का परिवहन भत्ता भी उपलब्ध है।

‘हिम भोग’ ब्रांड के तहत प्राकृतिक मक्की का आटा भी बाजार में लाया गया है, जो उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आम जनता के बीच पहुंचाया जा रहा है। इन उपायों से न केवल किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी मिल रहे हैं।

ऊना के किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती से लाभ प्राप्त करने के कुछ उदाहरण:

– पिछले सीजन में 39 किसानों ने 41.66 मीट्रिक टन प्राकृतिक गेहूं की बिक्री की।

– 15 किसानों ने 11.15 मीट्रिक टन प्राकृतिक मक्की बेची।

– गेहूं की खरीद 60 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्की की 30 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से की गई, जिससे किसानों को कुल 29,17,883 रुपये का प्रत्यक्ष लाभ हुआ।

प्राकृतिक खेती में भाग लेने वाले किसानों के लिए कई प्रकार की सरकारी सब्सिडी भी दी जा रही हैं। जिसमें देसी गायों पर अधिकतम 25,000 रुपये की सब्सिडी, प्लास्टिक ड्रम पर 75 प्रतिशत अनुदान, और अन्य कृषि उपकरणों के लिए भी सहायता शामिल है।

जिला प्रशासन प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। उपायुक्त ऊना, जतिन लाल ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की है, यह कहते हुए कि यह न केवल उनकी जमीनों को उपजाऊ बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ के लिए भी अत्यंत फायदेमंद है।

इसलिए, यदि आप एक किसान हैं, तो प्राकृतिक खेती अपनाना और इस दिशा में कदम बढ़ाना आपके लिए आर्थिक लाभ और स्वास्थ्यवर्धक भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।

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