हिमाचल की सिरमौर रियासत के अंतिम शासक राजेंद्र प्रकाश एवं महारानी दुर्गा कुमारी के दत्तक पुत्र उदय प्रकाश की 69वी जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन शाही महल नाहन में किया गया।

महाराज कुमारी दिव्यश्री ने बताया की इस शिवर में नाहन के आमजन ने भरपूर सहयोग किया। दिव्यश्री ने भी इस अवसर पर रक्तदान किया।

Dr निशी जसवाल ने बताए की 27 यूनिट ब्लड इकट्ठा हुआ जो की एक बेहतरीन योगदान है। जाने माने स्मजसेवी निर्देशक निर्मल हेल्थ सर्विस Dr सुरेश कुमार सबलोक की देखरेख में सफल आयोजन हुआ।

शिविर में ड्रॉप ऑफ होप, आस्था वेलफेयर सोसायटी एवं नाहन शहर की महिलोओ ने भाग लिया।

महाराजा उदय प्रकाश अपनी पुत्री दिव्यश्री कुमारी के साथ अक्सर नाहन आया करते थे।। नाहन से उनका गहरा लगाव रहा है। सिरमौर रियासत के राजमहल में उदय प्रकाश ने अपने हिस्से के राज महल का जीर्णोद्धार करवाया। महाराज उदय प्रकाश अंतिम शासक राजेंद्र प्रकाश के नाती भी थे, महाराजा राजेंद्र प्रकाश की मृत्यु के बाद उदय प्रकाश को महारानी दुर्गा कुमारी ने गोद ले लिया था। अंग्रेजों ने सिरमौर शासकों को एक सनद दी थी जिससे विधवाओं को उत्तराधिकारी गोद लेने का अधिकार मिल गया था।

राजमाता रसिका प्रकाश एवं पुत्री महराजकुमारी दिव्यश्री महाराज उदय प्रकाश के सपनो को साकार करने में पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हे। पुत्री नीलेश्वरी जो कैलिफोर्निया USA में रहती है भी पूरा सहयोग कर रही है। उनका विवाह उत्तर प्रदेश के तिरवा के राजघराने में हुआ है।

नाहन शहर के खेड़ा देवता का मूल स्थान भी शाही महल में स्थित है, हर साल देवता के दर्शनों हेतु शाही महल के कपाट भी महाराज उदय प्रकाश के निर्देश पर ही खुलते थे। खेड़ा देवता के मूल स्थान के साथ ही मां बाला सुंदरी का मंदिर भी मौजूद है। महराजकुमारी दिव्यश्री ने बताया कि उनके दाता की ईच्छा थी की शाही महल को आमजन के लिए खोला जाए , उनकी स्मृति में समय समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रक्त दान शिवर पहला प्रयास है।

हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया जायगा। वो कहा करते थे की सिरमौर में 16 हेरिटेज इमारते हैं जिनका पर्यटकों के लिए आकर्षण है, इनका विशेष इतिहास है।

वह हमेशा कहते थे कि 16 विरासत इमारतों और सिरमौर के समृद्ध इतिहास के देखने पर्यटकों को आना चाहिए और यादों को अपने साथ ले जाना चाहिए। इसलिए शमशेर विला राउंड में दस बेडरूम का जंगल लॉज 2018 में खोला गया था।

महल का नवीनीकरण भी उनकी दिशा निर्देश में हो रहा था। उन्होंने हमेशा नाहन के लोगों को अपने विस्तारित परिवार के रूप में सोचा और उन्हें महल के प्रवेश द्वार के अंदर अनुमति दी जानी चाहिए और आध्यात्मिक रूप से इच्छुक होने के कारण उन्होंने जनता को हर साल नगर देवता खेड़े के महाराज के दर्शन करने की अनुमति देने के लिए महल के दरवाजे खोल दिए।

महराज उदय प्रकाश जी का जन्म 30अगस्त 1954 को हुआ। करीब 68 वर्ष की आयु में उनका देहांत सिरमौर हाउस देहरादून में 23 फरवरी 2023 को हृदय गति रुकने से हुआ।

69वी जयंती के अवसर पर रक्त दान शिवर का अयोजन शाही महल में किया जा रहा है। महाराजा उदय प्रकाश स्मृति समिति नाहन

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