26 सितंबर 2023 से 30 सितंबर 2023 को ई.सी.सी.ई (अर्ली चाइल्ड केयर एजुकेशन ) के पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण के द्वितीय चरण की कार्यशाला का आयोजन शिक्षा खंड पांवटा साहिब में किया गया।
कार्यशाला का शुभारम्भ खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी अरुणा शर्मा व प्रशिक्षण समन्वयक सुरेखा रानी ने विधिवत रूप से किया। उन्होंने कहा कि आज का दौर तकनीकी का युग है। स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आज तकनीकी के दौर से पीछे नहीं रहना चाहिए। उन्हें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी सीख लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षक वह दीपक है जो खुद को जलाकर दूसरों को रोशनी देता है।
ई.सी.सी.ई का प्रशिक्षण अनुभवी रिसोर्स पर्सन के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार्ट, कलर ,कले इत्यादि वस्तुओं के उपयोग से विभिन्न प्रकार की माइंड मैपिंग क्रियाएं सिखाई व बनवाई जा रही है। कार्यशाला में कक्षा पक्ष से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी कराई जा रही है जो की पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के बालकों के लिए संचालित की जाएगी।
दूसरे चरण की कार्यशाला में 5 दिनों में बच्चे कैसे सीखते हैं, उनके दिमाग का विकास कैसे होता है, फ्री प्ले, शारीरिक विकास,भाषा का विकास बौद्धिक विकास, रचनात्मक एवं भावनात्मक विकास के कौशलों पर भी चर्चा की जाएगी।
बालकों का मूल्यांकन कैसे करें इस पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही सभी अध्यापकों को एन ई पी मे ई सी सी ई की आवश्यकता और महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों के साथ गतिविधियां करवाने के साथ निपुण पर भी चर्चा की जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य डाइट हिमांशु भारद्वाज और प्री प्राइमरी के जिला समन्वयक फतेह पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यशाला का दौरा किया। हिमांशु भारद्वाज ने सभी को प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दी। जिला समन्वयक फतेह पुंडीर ने कार्यशाला के एजेंडा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणात्मक शिक्षा के लिए यह प्रशिक्षण अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित होगा।