आज एसएफआई जिला कमेटी शिमला ने जिला अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जिसमें बीते दिनो में शिमला के अंदर चौड़ा मैदान पर एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले को लेकर कार्यवाही की मांग उठाई गयी है। एसएफआई  ने आरोप लगाया की जिला अध्यक्ष कमल शर्मा व कोटशेरा सचिव जनेश और अन्य 4 कार्यकर्ताओं पर आरएसएस और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं  द्वारा तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया।

यह हमला 25/07/2023 की सुबह जब एसएफआई शिमला जिला अध्यक्ष कमल व अन्य कार्यकर्त्ता विश्वविद्यालय की ओर विधानसभा के रास्ते से जा रहे थे तब होटल सीसेल होटल के बाहर पहुंचते ही वहां अचानक ही 30/40 लोग लोहे के रॉड व तेज़ हथियार का इस्तेमाल करते हुए एसएफआई के 6 कार्यकर्ताओं को हमले में ज़ख्मी किया जाता है। एसएफआई का कहना है की यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था जिसमे कुछ लोग मास्क पहनकर भी हमला करते है।

एसएफआई मांग करती है की दो दिन हो चुके है और अभितक हमारी तरफ से एफआईआर को दर्ज नही किया जा रहा है। एसएफआई मांग करती है की हमलावरों पर कार्यवाही की जाए। जिला सचिव अनिल ठाकुर ने कहा की एबीवीपी की यह फितरत ही रही है की जब जब एसएफआई का छात्र आंदोलन तेजी पकड़ता है तब तब एसएफआई के छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए हमले करवाए जाते है। एसएफआई लगातार छात्र को लांबंध करते हुए PTA की लूट और हॉस्टल की मांगो को लेकर निरंतर आंदोलन कर रहे है और छात्र आंदोलन में हिस्सा ले रहे है और इस बात से एबीवीपी की बोखलाहट हमला करवाने से दिख रही है। एसएफआई शिमला जिला कमेटी ने कहा है कि अगर शिमला पुलिस इस जानलेवा हमले सलिप्त एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं करती तो एसएफआई को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

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