आज ई.सी.सी.ई (अर्ली चाइल्ड केयर एजुकेशन ) के पांच दिवसीय प्रशिक्षण की कार्यशाला का आयोजन शिक्षा खंड पांवटा साहिब में किया गया। कार्यशाला का  शुभारम्भ राजकीय आदर्श छात्रा माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य  दीर्घायु प्रसाद व खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी अरुणा शर्मा ने विधिवत रूप से किया।

प्रधानाचार्य ने कहा कि आज का दौर तकनीकी का युग है। स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आज तकनीकी के दौर से पीछे नहीं रहना चाहिए। उन्हें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी सीख लेनी चाहिए क्योंकि हम जितना टेक्नो फ्रेंड होंगे उतनी ही हमारी समस्याएं भी कम होती जाएगी।

ई.सी.सी.ई का प्रशिक्षण अनुभवी रिसोर्स पर्सन के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार्ट, कलर ,कले इत्यादि वस्तुओं के उपयोग से विभिन्न प्रकार की माइंड मैपिंग क्रियाएं सिखाई व बनवाई जा रही हैं। इसके साथ ही सभी अध्यापकों को एन.ई.पी.मे ई.सी.सी.ई की आवश्यकता और महत्व पर भी चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों के साथ गतिविधियां करवाई गई।

कार्यशाला में 3-6 वर्ष के बच्चे कैसे सीखते है व विकास किस स्तर पर होता है इस पर गहन चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य डाइट हिमांशु भारद्वाज और प्री प्राइमरी के जिला समन्वयक फतेह पुंडीर व डाइट प्रवक्ता डॉक्टर मुनेश शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यशाला का दौरा किया। हिमांशु भारद्वाज ने सभी को प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दी साथ ही  जिला समन्वयक फतेह पुंडीर ने कार्यशाला के एजेंडा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणात्मक शिक्षा के लिए यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होगा।

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