नाहन || 11 दिसम्बर 2024 || अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा बस स्टैंड नाहन में मानवाधिकार दिवस के मौके पर रोजी-रोटी के सवाल और अधिकार को लेकर केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार से सवाल किए और कहा कि आज आम जनता से उनके रोटी का अधिकार छीनता जा रहा है और नौजवानों के रोजगारों छीना जा रहा है।

देश की केंद्र सरकार ने जहां नौजवानों को करोड़ों रोजगार देने का वायदा किया था वहीं प्रदेश सरकार ने भी नौजवानों को लाखों रोजगार देने का वायदा किया था परंतु पिछले चार-पांच सालों से और उससे भी पहले से नौजवानों को कोई भी भर्तियां नहीं निकाली गई है।

नौजवान ओवरेज होते जा रहे हैं और वह अलग-अलग टैस्टों की तैयारियां करते हुए हताशा में आकर मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं और खुद को सरकारों के द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

वहीं केंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि वह महंगाई को काबू में करेंगी और महिलाओं के आंसुओं को पोंछने का काम करेगी परंतु आज मंहगाई आसमान छू रही है। आम जनता के हाथ से खरीद की शक्ति खत्म हो गई है।

आज दो वक्त की रोटी का गुजारा मुश्किल हो गया है बाजार में हर चीज के दाम बढ़ गए हैं सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं एक तरफ बेरोजगारी और दुसरी तरफ महंगाई लोग हर जरूरी सामान में कटौती करने के लिए मजबूर हो गए हैं।

राशन डिपूओं में सामान में कटौती की गई है जो राशन डिपूओं में मिलता उसकी गुणवत्ता को देखें तो उसको चावल में मिलावट,नमक में रेत और आटा भी खानें लायक नहीं मिल रहा है इसलिए महिला समिति ने आज हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है और एक माह तक पुरे जिला में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

हम मांग करती है कि महंगाई पर रोक लगाई जाए। राशन डिपूओं में सही गुणवत्ता वाला राशन कम से कम 35किलो आनाज सभी को सस्ती दरों दिया जाए सस्ती दरों में तेल और दालें उपलब्ध करवाई जाए। राशन डिपूओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को खत्म किया जाए उसके कारण आम जनता को भारी परेशानीयों सामना करना पड़ रहा है। नौजवानौ के लिए अलग-अलग विभागों में रिक्त पड़े पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करो।

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